कुंभ गाइड

अमृत स्नान (शाही स्नान): अर्थ, महत्व और नासिक कुंभ 2027 की तिथियाँ

अमृत स्नान (शाही स्नान): अर्थ, महत्व और नासिक कुंभ 2027 की तिथियाँ

चित्र: Rohit R Nashik, CC BY-SA 4.0, Wikimedia Commons

संक्षिप्त उत्तर: अमृत स्नान, जिसे पहले शाही स्नान कहा जाता था, कुंभ मेले के मुख्य स्नान दिवसों पर अखाड़ों के साधु-संतों द्वारा भव्य शोभायात्रा के साथ किया जाने वाला विधिपूर्वक स्नान है। नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ में अमृत स्नान के दिन 2 अगस्त, 31 अगस्त, 11 सितंबर और 12 सितंबर 2027 हैं।

अमृत स्नान का अर्थ क्या है?

"अमृत" का अर्थ है अमरत्व देने वाला दिव्य अमृत, जो परंपरा के अनुसार समुद्र मंथन के समय चार पवित्र स्थानों पर गिरा। "स्नान" का अर्थ है पवित्र स्नान। इस प्रकार अमृत स्नान उस अमृत के आशीर्वाद वाले माने जाने वाले दिन पवित्र नदी में किया गया स्नान है। पूरी कथा हमारे कुंभ के बारे में पृष्ठ पर पढ़ें।

अमृत स्नान और शाही स्नान: एक ही स्नान

दोनों नाम एक ही विधि के लिए प्रयोग होते हैं। "शाही" का अर्थ राजसी है, जो अखाड़ों की भव्य शोभायात्राओं से आया है। इस कुंभ की आधिकारिक घोषणाओं में अब अमृत स्नान नाम प्रयोग हो रहा है; कई लोग अब भी शाही स्नान कहते हैं, इसलिए खबरों और ऑनलाइन दोनों दिखते हैं।

अमृत स्नान कौन करता है?

अखाड़े, यानी साधुओं के पारंपरिक संगठन, अमृत स्नान का नेतृत्व करते हैं। वे शोभायात्रा के साथ घाट पहुँचते हैं और निर्धारित दिनों पर स्नान करते हैं। श्रद्धालु भी इन दिनों प्रशासन और स्वयंसेवकों के निर्देशों के अनुसार स्नान करते हैं। अधिक जानकारी के लिए हमारा अखाड़े पृष्ठ देखें।

नासिक कुंभ में यह कहाँ होता है?

  • नासिक: गोदावरी पर रामकुंड में, जहाँ वैष्णव अखाड़े अमृत स्नान करते हैं।
  • त्र्यंबकेश्वर: कुशावर्त कुंड में, जहाँ शैव अखाड़े स्नान करते हैं। हमारी त्र्यंबकेश्वर गाइड देखें।

नासिक-त्र्यंबकेश्वर अमृत स्नान तिथियाँ

  • 2 अगस्त 2027 (सोमवार): प्रथम अमृत स्नान
  • 31 अगस्त 2027 (मंगलवार): द्वितीय अमृत स्नान, महाकुंभ स्नान और मुख्य दिन
  • 11 सितंबर 2027 (शनिवार): तृतीय अमृत स्नान, नासिक (रामकुंड)
  • 12 सितंबर 2027 (रविवार): तृतीय अमृत स्नान, त्र्यंबकेश्वर (कुशावर्त कुंड)

विशेष पर्वस्नानों सहित पूरा कैलेंडर हमारे कुंभ तिथियाँ लेख और कार्यक्रम पृष्ठ पर है।

अमृत स्नान के दिन यात्रा के सुझाव

  • घाट पर बहुत सुबह पहुँचने की योजना बनाएँ और भीड़ तथा सड़कें बंद होने की अपेक्षा रखें।
  • हमेशा स्थानीय पुलिस और स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करें।
  • बच्चों और बुज़ुर्गों को पास रखें और केवल ज़रूरी सामान लें।
  • यात्रा से पहले हमारा अपडेट पृष्ठ और आधिकारिक सूचनाएँ देखें।